रविवार, 14 दिसंबर 2008

आवा सीखा

गढ़वाली भाषा में कुछ संबंधित शब्द और उनका हिन्दी में अनुवाद

जनानी—औरत

मनस्यारू—मर्द

न्वोंनी—लड़की

नून्याल—लड़का

मालक—पति

बाबा—पिता

बै-----माता

दीदी—बड़ी बहन

भुली---छोटी बहन

नणद—ननद

जैठाणी—जैठानी

द्युर---देवर

जिठाणुँ—जेठ(पति का बड़ा भाई)

स्वोरू---ससुर

सासु—सास

भैजी—बड़ा भाई

भुल्ला--छोटा भाई

6 टिप्‍पणियां:

दिगम्बर नासवा ने कहा…

शुक्रिया जानकारी का

रचना गौड़ ’भारती’ ने कहा…

शुक्रिया भुल्ला
भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकुन पहुंचाती है।
लिखते रहि‌ए लिखने वालों की मंज़िल यही है ।
कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
मेरे द्वारा संपादित पत्रिका देखें
www.zindagilive08.blogspot.com
आर्ट के लि‌ए देखें
www.chitrasansar.blogspot.com

ज्योत्स्ना पाण्डेय ने कहा…

हिन्दी ब्लाग जगत में आपका हार्दिक स्वागत है ,टिप्पणी चिटठा पढ़ने के बाद करूंगी .मेरी शुभ कामनाएं आपके साथ हैं .................

मेरे ब्लाग पर आपका स्वागत है

Prakash Badal ने कहा…

अपनी मिट्टी से प्यार और उसका प्रचार बहुत आगे जाओगे भाई

अभिषेक मिश्र ने कहा…

अच्छी जानकारी है. स्वागत.

प्रवीण त्रिवेदी ने कहा…

हिन्दी ब्लॉग जगत में आपका हार्दिक स्वागत है, मेरी शुभकामनायें….....आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे .....हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

प्राइमरी का मास्टर का पीछा करें